गुरुवार को ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस के इस्तीफ़ा देने के बाद दोबारा सुनक को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की रेस में बताया जा रहा है. इस बीच वहां के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज़ है कि पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी पद पर वापसी कर सकते हैं. हालांकि जेरेमी हंट का भी नाम सामने आया था, लेकिन उन्होंने लीडरशिप की दौड़ में शामिल होने से इनकार कर दिया.
इस बीच पेनी मॉरडॉन्ट ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की रेस के लिए आधिकारिक तौर पर अपनी दावेदारी पेश कर दी है. वो पिछली दौड़ में भी शामिल हुई थीं, लेकिन नाकाम रही थीं.
पार्टी में ऐसे सांसद हैं जो बोरिस जॉनसन को वापस लाना चाहते हैं, कुछ दूसरे सांसदों का कहना है कि अगर बोरिस लौटते हैं तो वो इस्तीफ़ा दे देंगे.
42 साल के ऋषि सुनक इस साल जुलाई तक देश के वित्त मंत्री थे. उनके इस्तीफ़े के बाद ही पार्टी में उस समय के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के ख़िलाफ़ पार्टी में विद्रोह शुरू हुआ था और कई मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.
उनके इस्तीफे के बाद बोरिस जॉनसन को भी प्रधानमंत्री पद से हटना पड़ा था. कई हफ़्तों तक चले लीडरशिप की दौड़ में पार्टी सांसदों ने ऋषि सुनक और लीज़ ट्रस को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना.
पार्टी के 1 लाख 60 हज़ार से अधिक सदस्यों को इन दोनों में से एक को चुनना था. लिज़ ट्रस को ज़्यादा सदस्यों का समर्थन मिला और वो प्रधानमंत्री बन गईं, और सुनक हार गए.
लिज़ ट्रस ने टैक्स कम करने और गैस के दाम को स्थिर करने जैसे कई वादे किए थे जिनके बारे में ऋषि सुनक ने आगाह किया था कि ये क़दम देश को एक बड़े आर्थिक संकट में डाल देंगे.
लिज़ ट्रस और ऋषि सुनक के बीच मुक़ाबले में दो बातें खुलकर सामने आई थीं. ऋषि सुनक को पार्टी के अधिकतर सांसदों का समर्थन हासिल था और पार्टी सदस्यों की युवा पीढ़ी उनके साथ थी. लेकिन पार्टी के अंदर पुराने कंज़र्वेटिव विचारधारा के लोग बहुमत में हैं जिन्होंने ऋषि सुनक के ऊपर लीज़ ट्रस को तरजीह दी थी."
साउथम्पटन से ऋषि सुनक को जानने वाले नरेश सोनचटला कहते हैं कि उन्हें विश्वास है कि ऋषि सुनक इस बार फिर प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे.
जहाँ तक मुझे मालूम है ऋषि को कैबिनेट का पूरा समर्थन हासिल है, देश उनके साथ है. सट्टेबाज़ भी ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी कर रहे हैं.
बोरिस की वापसी मुमकिन?
हालांकि अभी तक किसी नेता ने प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीदवारों को सोमवार दोपहर तक अपने नाम देने होंगे.
माना जा रहा है कि ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन मुख्य दावेदार बन कर उभरेंगे. ख़बरें ये आ रही हैं कि बोरिस जॉनसन, जो अपनी छुट्टी गुज़ारने के लिए विदेश में थे, अब ब्रिटेन वापस आ रहे हैं.
ब्रिटेन के राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि फ़िलहाल दोनों नेता इस बात का अंदाज़ा लगाने की कोशिश करेंगे कि उन्हें कितने सांसदों का समर्थन हासिल है.
लेकिन क्या उनके पास आम चुनाव जिताने की अपील है? उनके आलोचकों द्वारा हो सकता है एक बार फिर 'स्टॉप ऋषि' अभियान चलाया जाए".
पार्टी के नियमों के मुताबिक़, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के अगले उम्मीदवार को लीडरशिप की रेस में शामिल होने के लिए 357 में से कम से कम 100 सांसदों का समर्थन हासिल करने की ज़रूरत होगी.
इसका मतलब है कि अधिकतम तीन उम्मीदवार खड़े हो सकते हैं. सांसदों के बीच पहले मतदान होगा और तीन उम्मीदवारों के होने पर सबसे कम वोट वाले व्यक्ति को हटा दिया जाएगा.
इसके बाद अगर दो उम्मीदवार बच जाएं और किसी भी सूरत में दूसरे दौर के वोटिंग की ज़रूरत पड़ती है तो सांसद दोनों उम्मीदवार में अपनी वरीयता के ज़रिए अपना मत दे सकते हैं.
इस दौर के बाद भी अगर दोनों उम्मीदवार को एक समान मत मिलते हैं तो अंतिम निर्णय पार्टी के सभी सदस्यों के ऑनलाइन वोट के माध्यम से होगा. अगस्त और
सितंबर में कराई गई लीडरशिप पर वोटिंग कई हफ़्तों तक क्यों चली और इस बार एक हफ्ते में ही अगला प्रधानमंत्री कैसे चुन लिया जाएगा?
इस बार किसी भी उम्मीदवार को प्रधानमंत्री की रेस में शामिल होने के लिए कम से कम 100 सांसदों का समर्थन ज़रूरी है. पिछली बार ये पैमाना 30 सांसदों के समर्थन का था. ऐसे में ख़ुद ही उम्मीदवारों की संख्या तीन से ज़्यादा नहीं हो पाएगी और इसलिए अगला प्रधानमंत्री चुनने में वक़्त पिछली बार से कम लगेगा. यदि नामांकन बंद होने पर सोमवार को केवल एक उम्मीदवार बचता है, तो उसे विजेता और अगला प्रधान मंत्री घोषित किया जाएगा.