Sunday, June 16, 2013

मोदी क्या हैं?

इस प्रश्न के जवाब में मेरा तो उत्तर यही है, कि एक बीमारी जो लाल कृष्ण आडवाणी और संघ के नेताओं ने मिलकर फैलाई उसी की सिमटम हैं नरेन्द मोदी! हमारे इतिहास से ही लौहपुरुष, लक्ष्मण (डिप्टी) रहा है, सरदार पटेल (खुद लौहपुरुष) भी पूरी जिंदगी इन्तेजार करते रहे! समय पर राम बनने के लिये कोई जवाहर आ जाता है!
अब यही बात आती है आडवानी जी पर, वो भी लौहपुरुष थे, और सही समय पर बाजपेईजी राम बनकर आ गये! उन्होने हर हिन्दू घर से ईंटें  मंगवाई राममंदिर बनवाने के लिये, लेकिन खुद को लक्ष्मन ही रहना पड़ा!
अब वही काम मोदी कर रहे हैं, गुजरात के घर-घर से लोहा मंगवाकर सरदार पटेल की 1 बड़ी सी मूर्ति बनवाने के लिये! मुझे तो इसके संकेत उनके अपने गुरु के लक्षण  दिखाई दे रहे हैं! मतलब खुद को आडवाणी जैसा लौहपुरुष बनाना! लौहपुरुष बने न बने वो लहूपुरुष तो पहले से ही हैं! मोदी बहुत तेज दिमाग वाले इंसान हैं, और वो सरदार पटेल का कुर्मीकरण करने की सोंच सकते हैं! उत्तरभारत में कुर्मी जाति (वर्मा, पटेल, कटियार, श्रीवास्तव तथा नीतीश कुमार खुद उसी जाति के हैं) को लॉलीपॉप दिखाने के चक्कर में हैं! नीतीश को उनके ही तीर (जाति-विभाजन, जो नीतीश ने लालू के साथ किया था, पिछड़ा बनाम अति-पिछड़ा) से मारने के चक्कर में हैं! क्योंकि वो खुद गुजरात की अति-पिछड़ी जाति मोदी (बनिया, तेली) समुदाय से आते हैं! ये कहना गलत होगा कि देश से जाति जा चुकी है, क्योंकि राजनीति में जाति कभी नहीं जाती!

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