Saturday, July 26, 2014

भारत माता के नाम कमलेश कुमार का पत्र

प्रिय भारतमाता,
आज आपको पहली बार खत लिखने का खयाल मेरे दिल में आया. पहले सोंचा कि हो सकता है कि कुछ राष्ट्रवादियों की नजर में आ जाऊं तो आई. टी. एक्ट की धारा 166 ए का शिकार बना दिया जाऊं. लेकिन कलम है कि रुकी नहीं. अगर जेल भी जाना पड़े तो मंजूर है.
आज मुझे आपकी कुछ तारीफ नहीं शिकायत करनी है. इसके पहले कई बार लगा क़ि सबकुछ ठीक नहीं है, लेकिन सोचा चलो कोई बात नहीं अच्छे दिन आ जाएंगे. लेकिन अब तो वो भी आकर दरवाजे से लौट गए. हमारे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के राम राज्य का आज बहुत गलत अर्थ निकला जा रहा है. राम राज्य का अर्थ लोगों ने राम मंदिर टाइप कार्यक्रमों से जोड़ रखा है. आज हमारा कानून खतरे में है. लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं. इस लोकतंत्र के मंदिर का चौथा खंभा मीडिया भी थोड़े दिनों पहले ही अंबानी के हाथो मे जा चुका है. हम नहीं राजदीप सरदेसाई जी से पूछिएगा आप? ऐसे में इस मीडिया से उम्मीद ना रखकर खुद ही आपतक अपनी बात पहुंचानी पड़ेगी.
आज हमारे देश के सभी तथाकथित राष्ट्रवादी अपने चरम पर हैं. उन्हें कोई रोकटोंक नहीं है. माननीय श्री प्रवीण तोगडिया जी, माननीय श्री अशोक सिंहल जी, एक और पार्टी के राष्ट्रवादी संसद महोदय, गोवा के डिप्टी सी. एम. साहब, और सानिया मिर्जा पर पाकिस्तानी बहू होने का आरोप लगाने वाले लक्षमन प्रसाद जी. किसी पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है. ऊपर से वैदिक जी जैसे लोग अपने इंटरव्यू लेने में लगे हैं. इसके लिए हमारे प्रधानमंत्री जी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. आखिर इन सबका योगदान जो है आपको पी. एम. बनाने में. अगर आप ऐसा नहीं मानते हैं तो अपने वादों से क्यों मुकर रहे हैं. कल ही मोदीजी के एक सांसद ने कह दिया कि कालाधन नही आएगा, इसके बाद तो बाबा रामदेव का आसन ही समझ में नही आ रहा है. मंहगाई, भ्रष्टाचार, कालधान, बेरोजगारी, शिक्षा, बिजली, पानी या सड़क किसी भी मुड़े पर मोदी जी से कुछ हो नहीं पा रहा है. इसी बात को छुपाने के लिए यह हिन्दू-मुस्लिम कार्ड फिर से खेला जा रहा है.
आज पूरे देश में साम्प्रदायिकता का माहौल बनाया जा रहा है. मैं किसी का नाम नहीं लूँगा. यह समय हमारे छोटे भाइयों (मुस्लिमों) के लिए खुशी का समय है. उस समय इस तरह का माहौल पैदा करना एक दहशतगार्दी का प्रतीक है. और यहाँ की सभी (केन्द्र और राज्य) सरकारें इसके लिए जिम्मेदार हैं. आज देश के भाईचारे को हर जगह से राजनैतिक फायदे के लिए देखा जा रहा है. आज हमारे उत्तर प्रदेश में दोनो भाई (हिन्दू +मुस्लिम) अपने बीच पैदा हुई दूरियों को खत्म नहीं कर पाए थे क़ि फिर से कुछ राजनैतिक लोगों ने सहारनपुर और मुरादाबाद में रमज़ान और सावन जैसे पाक (पवित्र) महींनों में माहौल खराब कर दिया गया. आज फिर से हमें यूपी की खबरें सुनकर अंदर कपकपी लग रही है.
बहुत डर लग रहा है क़ि हमारी मिट्टी में फिर से खून ना गिर जाए. क्योंकि वो खून हमारा अपना होगा.
भारतमाता अब मुझे आपसे ही उम्मीद है. कृपया आप ही इस देश के खासकर हमारे यूपी वालों को समझाइए कि इन बातों से आजतक किसी का भला नहीं हुआ है. यूपी की राजनीति को इस एक राजनैतिक दल ने मेरी उम्र से ज्यादा समय से अपनी इसी तरह की कर्मभूमि के रूप मे पेश किया है. जो हमेशा ही यूपी की धरती के लिए खतरनाक होता रहा है. आज फिर से वही लोग इस शान्तिप्रिय यूपी पर अपनी नजर डाल रहे हैं. तो कृपा करके इन यूपी वालों को समझाइए. इस यूपी को राम और कृष्ण की धरती ही रखिए, इसे दंगो की धरती मत बनाइए. और हाँ अपने इस यूपी वाले पुत्र का खयाल भी रखिएगा, क्योंकि वो जहाँ रहता है, वहाँ तो कुछ राष्ट्रवादी लोग यूपी के नाम से नफरत करते हैं.
मैं आपको व्हाट्स एप करने की भी सोंच रहा था लेकिन वहाँ तो और भी नफरत भरी पड़ी है. धारा 166ए का निष्क्रिय पड़ी है. आप मेरी इन बातों पर अवश्य ध्यान दिजिएगा अन्यथा यह यूपी ही नहीं पूरे हिन्दुस्तान (हिंदुस्तान नहीं) के लिए बहुत खतरनाक होगा.
धन्यवाद!
आपका पुत्र
कमलेश कुमार राठोर

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