Tuesday, June 11, 2019

लालू जी बिहार की राजनीति की धुरी


हजार कमियां होने के बावजूद लालू प्रसाद यादव मुझे भारतीय राजनीति के एक मजबूत नेता नजर आते हैं। पूरे देश में अगर किसी ने साम्प्रदायिकता से समझौता न करके अकेले लडाई लडी है तो वो लालू प्रसाद यादव हैं, जिसने कभी बीजेपी से समझौता नहीं किया।
जिस देश में हजारों करोड लूट कर नेता बाहर घूम रहे, वहाँ लालू जिस चारा घोटाले में सजा काट रहे वो कुछ 80-90 लाख का है। ये उनका सत्ता से समझौता न करने का नतीजा भी है। खैर छोटा हो या बडा भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार होता है। जब कोर्ट ने सजा दी है तो उसका बचाव नहीं कर सकता।
लेकिन लालू जी के लिए जिस कारण मेरे दिल में सम्मान है वो है उनका बिहार में गरीब, गुरबा को आवाज देना। जब वो सत्ता में आए तो बिहार में सामंतवाद चरम पर था और उन्होंने पहले उसी से लडने की ठानी। उनकी वजह से दलित और पिछडे बंधुआ मजदूरी से छूटे, अपने हक की बात कहना सीखे। मेरी नजर में वो बिहार के मुलायम+मायावती अकेले हैं। 
उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान उनको लंबी उम्र दे। अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूँ क्योकि अभी भी भारतीय राजनीति में लालू जी की जरूरत है। उनको एक बार वापसी कर साम्प्रदायिक शक्तियों को एक बार फिर रोकना होगा जैसे रथयात्रा के दौरान अडवाणी को रोका था। उन्होंने एक वर्ग जो राजनीतिक तौर पर अलग थलग पडा था उसे स्वर्ग नहीं लेकिन स्वर दिया।

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