Saturday, January 21, 2023

कुश्ती में होते बवाल पर कमेंट

इस समय जो मामला पूरी तरह से मीडिया में छाया हुआ है वो है भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रज भूषण सिंह पर लगे यौन शौषण के आरोप। क्योंकि ब्रज भूषण सिंह बीजेपी के सांसद हैं इसलिए हमारे साथी एकदम से हमला करने टूट पड़े। लेकिन हर बात में जल्दबाजी करके एकदम से नहीं टूट पड़ना चाहिए।
इस पूरे मुद्दे पर जो खिलाड़ी खुलकर सामने आए हैं वो है पूर्व फोगाट परिवार। मेरे दो सवाल हैं कि क्या गीता बबिता या विनेश फोगाट जैसी बड़ी खिलाड़ियों के साथ कोई ऐसे हरकत कर सकता है जब मीडिया से लेकर प्रधानमंत्री तक उनकी अच्छी पहुंच है?
दूसरा सवाल ये है कि ये मीडिया जो बिना अमित शाह के ऑर्डर के कोई खबर नहीं चलाता वो ब्रजभूषण पर लगातार कवरेज क्यों कर रहा?
इसके मुझे जो दो तीन कारण समझ आते हैं वो ये कि पहली बात तो कबड्डी, कुश्ती जैसे खेलों में हरियाणा की लॉबी का दबदबा कायम रहता है, इसी कारण से वहां के खिलाड़ियों को ज्यादा आगे बढ़ाया जाता है। पहले हुड्डा (कांग्रेस नेता) का परिवार इसमें दबदबा रखता था, अब महावीर फोगाट जिन्होंने आमिर खान से फिल्म बनवा के फेम पा लिया। और वहां खूब नारा भी चलता है जाट vs ऑल।
एक बृजभूषण सिंह यूपी के हैं दूसरा जाट नहीं हैं इसलिए उनको लगातार टारगेट करके ये लोग हरियाणा का अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं।
दूसरा ब्रजभूषण सिंह बाबा रामदेव के प्रोडक्ट्स का लगातार बहिष्कार कर रहे हैं, बाबा रामदेव हरियाणा के हैं तो इसको पूरी हवा भी वही दे रहे हैं।
हालांकि मैं अभी भी ब्रजभूषण का समर्थक नहीं हूं और ना उनकी बात से सहमत हूं कि ये सब कांग्रेस करवा रही। क्योंकि कांग्रेस नेताओं को तो बजरंग पूनिया ने ही साथ आने से रोक दिया। दूसरी बात महावीर फोगाट और बबिता फोगाट तो खुद बीजेपी के नेता हैं। उनकी पहुंच सीधे मोदी जी तक है। इसलिए इसका तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण लगता है ब्रजभूषण सिंह का बीजेपी की लाइन से हटकर चलना। भले पार्टी कुछ कहे उनको जो सही लगता है वो वही करते हैं, इसलिए बीजेपी भी इस पूरे मुद्दे पर साइलेंट सपोर्ट कर रही है।
अब विनेश फोगाट के बाद जो सबसे ज्यादा विरोध करने वाले खिलाड़ी हैं वो हैं बजरंग पूनिया। जिनको आगे करने के लिए हरियाणा लॉबी ने पूर्व में यूपी के नरसिंह यादव को पीछे किया था। ये जो खिलाड़ी एक दो मेडल जीत चुके हैं वो अब ना तो कोई ट्रेनिंग लेना चाहते हैं और ना ही नेशनल कंपटीशन में हिस्सा। इन सबको अपने अपने फेवरेट पर्सनल कोच चाहिए वो भी सरकारी खर्चे पर। बृजभूषण ने इन मुद्दों को खूब उठाया है इस वजह से भी ये खिलाड़ी अपना बदला लेना चाहते हैं।
जिस तरह की ब्रजभूषण सिंह की पृष्ठभूमि है उसको देखकर तो यही कहा जा सकता है कि हो सकता है वो खिलाड़ियों से रुड पेश आए होंगे लेकिन यौन शौषण जैसे आरोप अगर हैं तो उनकी जांच हो, अगर दोषी पाए जाएं तो उनको सजा हो। लेकिन अगर ऐसा न हुआ तो आरोप लगाने वालों पर कार्यवाई हो। बृजभूषण तो यहां तक कह रहे हैं कि अगर मैं दोषी निकला तो खुद फांसी पर चढ़ जाऊंगा।
और सवाल तो ये भी हैं कि जब इतने साल से ये सब चल रहा है तो खिलाड़ी बिना किसी सबूत, बिना किसी एफआईआर के सीधे धरने पे बैठ गए।

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