Sunday, February 12, 2017

तमिलनाडु में राजनीतिक उठापटक

तमिलनाडु की राजनीति में उठा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा. पन्नीरसेल्वम और शशिकला के बीच सियासी लड़ाई में अब गेंद राज्यपाल के पाले में हैं. पन्नीरसेल्वम को जहां जनता और पार्टी का समर्थन मिलता दिख रहा है तो वहीं शशिकला ने अब नया दांव खेला हैचलते हुए  महिला कार्ड खेला है. शशिकला ने कहा, ”महिला हूं इसलिए दिक्कत हो रही है. जयललिता के वक्त भी ऐसा होता था.” शशिकला ने आज गोल्डेन बे रिसॉर्ट में जाकर अपने समर्थक विधायकों से मुलाकात की.. इससे पहले शशिकला ने संकेत दिए थे कि अगर राज्यपाल ने उनकी बात का जवाब नहीं दिया तो वो धरने पर बैठ सकती हैं. मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम का पलड़ा भारी दिख रहा है. कल देर रात तक सात विधायक और 10 सांसद भी अब उनके खेमे में आ गए हैं. पन्नीरसेल्वम के समर्थन में आठ लोकसभा और दो राज्य सभा सांसद हैं. शशिकला के खेमे से पनीरसेल्वम के कुनबे में और नेता आ गए हैं. जिस तरह से ओ पनीरसेल्वम का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है, उसने शशिकला की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ा दी हैं. इसका नतीजा था कि शशिकला अपने विधायकों से मिलने महाबलिपुरम के पास गोल्डन बे बीच रिजॉर्ट पुहुंची. ये वही रिजॉर्ट है जहां एआईएडीएमके के करीब 94 विधायकों को एक तरह से बंद करके रखा गया है, ताकि हॉर्स ट्रेडिंग ना हो.  बाहरी दुनिया से फिलहाल इनका संपर्क काट कर रखा गया है. विधायकों से मिलने के बाद शशिकला ने आरोप लगाया है कि जानबूझकर देरी की जा रही है जिससे पार्टी में फूट पड़ जाए. इधर पनीरसेल्वम का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है. शनिवार को भी पार्टी के कई बड़े नेता उनके खेमे में शामिल हो गए. अब तक सात विधायक, तीन लोक सभा सांसद, एक राज्य सभा सांसद और बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पन्नीरसेल्वम का समर्थन किया है. माफोई पंडियाराजन, जो कि शुक्रवार तक शशिकला के खेमे में थे, पनीरसेल्वम को अवसरवादी बता रहे थे, वो भी अब पनीरसेल्वम खेमे में आ गए हैं. पनीरसेल्वम की बढ़ती ताकत ने शशिकला की नींद उड़ा दी है. शायद इसी वजह से उन्होंने राज्यपाल को चिट्ठी लिख कर सरकार बनाने का दावा किया है. साथ में धमकी भी दी है कि  अगर राज्यपाल ने जवाब नहीं दिया तो वो धरने पर बैठ जाएंगी. लेकिन पनीरसेल्वम के समर्थन में खड़े नेताओं का कहना है कि दावा पनीरसेल्वम का ही मज़बूत है.
235 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए. फिलहाल एआईएडीएमके के पास 135 और डीएमके के पास 89 सीटें हैं. पनीरसेल्वम खेमे का दावा है कि उनके पास 50 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है, जबकि शशिकला ने करीब 94 विधायकों को एक रिजॉर्ट में बंद करके रखा है

No comments:

Post a Comment

राहुल गांधी बनाम कॉरपोरेट

*साल था 2010। उड़ीसा में "नियमागिरी" के पहाड़। जहां सरकार ने वेदांता ग्रुप को बॉक्साइट खनन करने के लिए जमीन दे दी। आदिवासियों ने व...