Thursday, July 25, 2019

धोनी की असलियत सामने

मैं पहले अमिताभ बच्चन का बड़ा फैन था, लेकिन जैसे ही उनका नाम पनामा पेपर्स में आया, बस उतर गए वो नजर से. ठीक उसी तरह महेंद्र सिंह धोनी का भी फैन था हूँ. खूब उनके डीपी लगता रहा, लेकिन वो नजर से उतरने लगे जब श्रीशांत फिक्सिंग में फंसे और इनका भी नाम सामने आया. फिर उस समय इनकी टीम चेन्नई सुपर किंग्स बैन हुई और उसके मालिक श्रीनिवासन के दामाद पर मुकदमा चला. लेकिन धोनी बच गए बीसीसीआई पर अपनी पकड़ के चलते. उस समय टीम इण्डिया के चयन से लेकर हर चीज पर उनकी पकड़ थी, तब उनकी सीएसके की टीम में फिक्सिंग को लेकर कुछ डिसाइड हो जाता था और उनको न पता होता ये चौकाने वाला था. बात आई गई लेकिन धोनी ने भारतीय क्रिकेट में कुछ नए आयाम दिए, काफी कुछ योगदान है उनका. वो अलग चीज है. लेकिन मुझे उनके शातिर दिमाग पर कभी कभी डर भी लगता था, कि ये आदमी अपनी टीम के खिलाडियों से लेकर, खेल के मैदान तक अपना दिमाग ऐसे प्रयोग करता है जैसे हर हाल में उसको आगे ही जाना है. और मेरा वो डर साबित हुआ जब सबसे पहले इनका नामा सामने आया आम्रपाली ग्रुप के घोटालों में. आउटलुक की रिपोर्ट बताती है कि कैसे इनको आम्रपाली ग्रुप के मालिक अनिल शर्मा ने फायदा पहुँचाया. जो बेचारे लोग अपनी पूरी जिंदगी की कमाई इकठ्ठा करके एक घर खरीदने की कोशिश करते हैं. उन लोगों ने आम्रपाली ग्रुप को घर के लिए पैसा दिया और वही पैसे  से आम्रपाली ग्रुप के मालिक ने निजी संपत्ति बना ली. उसको ये पैसा मिला उसका एक कारण धोनी भी थे. क्योंकि वो उसके ब्रांड एम्बेस्डर थे. उस समय धोनी का क्रेज था देश में. और भारतीय लोग क्रिकेटर को भगवान समझते हैं, ऐसे में सब इनके ही चक्कर में फंसे. फिर अनिल शर्मा ने भी धोनी को इनाम दिया और उनकी कंपनियों को पैसा ट्रांसफर किया. जिसमें धोनी से लेकर उनकी वाइफ साक्षी तक डायरेक्टर थीं.
धोनी की कंपनियों की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश भी दिया है. उम्मीद है कि जाँच निष्पक्ष हो और अगर उसमें अगर कुछ गड़बड़ पाया जाता है तो उनको जेल में डाला जाए. मुझे अब धीरे धीरे क्रिकेट से भी नफरत इसलिए हो गई है क्योंकि ये वो खेल है जिसने देश के अन्य खेलों को बर्बाद कर दिया. और मैं दूसरे को बर्बाद करने वाली हर चीज से नफरत करता हूँ. क्रिकेट बोर्ड अब यहां सत्ता का केंद्र हो गया है. राजनेता अब इसमें सीधा सीधा दखल रखते हैं. और डीडीसीए के घोटाले से लेकर न जाने कितनी बार इसमें जमकर चोरी की बातें सामने आई हैं लेकिन हम भारतीय लोग तो ऐसे अंधे हैं कि क्रिकेट को धर्म और क्रिकेटर को भगवान समझते हैं. जिस देश में अभी भी लोग दो वक्त की रोटी न कमा पाते हों वहां कैसे इनके पास इतना पैसा आ जाता है? कोहली, धोनी, सचिन ये इतनी इतनी सम्पदा लेकर कहाँ जाएंगे? और अन्य खेलों के खिलाड़ियों को बुनियादी चीजें भी न नसीब होती हैं.

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