Friday, July 26, 2019

तीन तलाक़ पर ओवैसी

जितना मैं समझ पाया उस हिसाब से कहता हूँ कि तीन तलाक पर आप सब लोग मौलानाओं और ओवैसी को एक साइड रखकर देखेंगे तो ठीक से बात नहीं समझ आएगी. मौलाना और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कहते हैं कि तीन तलाक मान्य है और इसको जारी रखना चाहिए. जबकि ओवैसी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हैं कि जब तीन तलाक null n void मतलब अमान्य है तो फिर उसपर कानून बनाने का कोई अर्थ नहीं है. और अगर कानून बना भी दिया तो वो पुरे कानून के खिलाफ नहीं हैं. आपको बताते चलूँ कि पहले जब ये बिल लोकसभा में आया तो बहुत गलतियां थी, तो उसको सुधर के लिए स्टैंडिंग कमिटी में भेजा गया. उस कमिटी के हिस्सा ओवैसी भी थे. कमिटी की रिपोर्ट में 17 सुझाव दिए गए जिन प्रावधानों को बदलना था. सरकार ने उसमें से 11 सुझाव मान लिए. ओवैसी उन्हीं 6 सुझावों के खिलाफ हैं. मैं तीन तलाक के खिलाफ तो हमेशा से लिखा और बोला हूँ और  न तो ओवैसी की राजनीति से कभी सहमत हुआ. लेकिन कल लोकसभा में ओवैसी ने जो तर्क रखे वो वाजिब थे.
उनके तर्कों को अगर गौर से देखें तो एक बात उन्होंने कही कि अगर कोई आदमी तीन तलाक बोलकर तलाक दे देता है, फिर उसको जेल में डाला गया. तो फिर औरत उससे मेंटिनेंस कैसे क्लेम करेगी? दो में से एक ही काम यहाँ हो सकता है या तो जेल में डालो फिर जब वो जेल में है और कुछ कमाएगा नहीं तो मेंटिनेंस कैसे देगा? और अगर मेंटिनेंस लेना है तो उसको जेल के बहार रखना पड़ेगा. ओवैसी कह रहे कि तलाक अमान्य हो जाये, उसका मुकदमा चले लेकिन आदमी को जेल में न डाला जाए. दूसरी बात ये है कि अगर उस आदमी को जेल में डाल दिया गया तो फिर उस महिला का उससे तलाक हो जाना चाहिये. क्योंकि जब तक उससे तलाक नहीं होगा तो जेल में डालना बेवकूफी है. भला कौन सी महिला चाहेगी कि उसका पति जेल में रहे. और इसमें महिला अगर उससे तलाक लेना चाहे तो नहीं ले सकती उसको सजा पूरी होने तक इन्तजार करना पड़ेगा कि जब वो बहार आये तो तलाक ले वो. तीन तलाक़ पर मेहर का 100 गुना देना पडे जैसी बात भी उन्होंने कही।
खैर भले ही सरकार की वो साफ नीयत न हो इसपर लेकिन अब कानून आ गया है जो बेहद जरूरी है। जो कुछ कमियां हैं प्रैक्टिस होने के बाद सुधार ली जाएँगी।
#TripleTalaq

No comments:

Post a Comment

राहुल गांधी बनाम कॉरपोरेट

*साल था 2010। उड़ीसा में "नियमागिरी" के पहाड़। जहां सरकार ने वेदांता ग्रुप को बॉक्साइट खनन करने के लिए जमीन दे दी। आदिवासियों ने व...