आज देश के दो बड़े महानायकों का जन्मदिन है, एक अमिताभ बच्चन और दूसरे
लोकनायक जय प्रकाश नारायण का! अमिताभ तो रील हीरो हैं, लेकिन जे.पी. साहब
रीयल हीरो थे! मैंने उनकी आत्मकथा पढी और इस समय कारावास की कहानी पढ रहा
हूँ, जो उन्होंने इमरजेंसी के दौरान जेल में लिखी थी! उनके जैसे महान पुरुष
की आज फिर से देश को जरूरत है, जे.पी. एक नाम नहीं बल्कि विचारधारा का नाम
है, जिसे हर युवा को अपनाना चाहिए! जरूरी नही है, कि आप राजनीति में आएं,
जीवन के किसी भी कष्ट में अगर उनके जैसा दृणसंकल्प हो तो कोई भी कार्य
मुस्किल नही है! सबसे बड़ा कष्ट तो इस बात का है, कि आज जितने भी उनके और
लोहिया साहब के चेले हैं, सब के सब चोर हो गए हैं, किसी को देश की चिंता
नहीं हैं, मई में मैं लखनाउ गया तो देखा कि जो लोहिया जिंदगी भर जातिवाद से
लड़ते रहे उन्ही के चेले की पार्टी की एक सभा के पोस्टर में उन्हें
अग्रवाल बता दिया गया! बेचारे कितने दुखी होंगे मरने के बाद भी? और वही दशा
जे.पी. की है, उनके नाम को भी बेंच कर कितने नेता अपनी चमकाने में जुटे
हैं?
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राहुल गांधी बनाम कॉरपोरेट
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