Tuesday, November 19, 2013

मोदी जी के नाम कमलेश कुमार का पत्र

 

प्रिय नरेन्द्र भाई मोदी जी,
माननीय मुख्यमंत्री जी (गुजरात सरकार) मैं भी अभी-अभी आपका नया शुभचिंतक बना हूँ। सुनकर बड़ा दुख हुआ कि आपकी रैली के दौरान कुछ भद्र जनों, माफ करिए अभद्र जनों ने बम ब्लास्ट कर आपको मारने की कोशिश की। अल्लाह नें आपको आपके अच्छे कर्मों की वजह से बचा लिया। भगवान करे आपकी उम्र 100 साल हो भले ही आप प्रधानमंत्री ना बनें।
आपको हार्दिक बधाई कि आपकी चर्चा इस समय पूरे विश्व में हो रही है, सोसल मीडिया और कुछ चैनलों पर तो आप छाए हुए हैं। आपके सामने राहुल गाधी जैसा बच्चा तो कहीं ठहरता ही नहीं है। उसकी जगह अगर कोई नितीश जैसा इतिहास का छात्र होता तो मजा आता। आपको सलाह है, कि आप अब इतिहासकारों की एक टीम बनाइए, जो आपको ज्ञान दे। फिर भी आप हर जुबान पर हैं। लेकिन मुझे लगता है, कि आपको बेवकूफ बनाया जा रहा है। आप वंचित समुदाय से आते हैं, जिसे अपने आका की चापलूसी की वजह से कुछ नहीं मिला। क्योंकि मैं भी यह दर्द झेल रहा हूँ। हम और आप उस विचारधारा से कुछ पाने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, जिसके लिए ये बड़े पद रिजर्व रखे गए हैं। हम और आप ना तो ब्राम्हण हैं, ना ही क्षत्रिय और बनिया. हम और आप ना तो किसी साही परिवार से आते हैं, जिसे जन्म के साथ ही बिना मेहनत के राज-पाठ मिल जाता है। हम तो उस जाति से आते हैं, जिसका उदाहरण राजा भोज के साथ तुलना (compete) करके दिया जाता है। इस लिए आपकी यह कुर्सी की मांग बच्चे की उस ओछी हरकत की तरह लगती है, जब वह अपनी माँ से चंदा मामा को माँगता है। 2014 में कांग्रसे का बेड़ा गर्क होना तो तय है, लेकिन क्या आपको इस हालात में प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलेगा? यह बड़ा सवाल है। क्या संघ ने आपको कोई Agreement लिखकर दिया है। क्योंकि संघ तो संगठन में विश्वाश करता है, जो पिछले 10 वर्षों में गुजरात में कमजोर हुआ है। आपके राज में कई मंदिर तोड़े गए हैं, तो तोगाडिया भी आपका विरोध करते हैं। उन्हें नहीं उम्मीद है, कि आप राम मंदिर बनाएँगे। मुझे लगता है, कि आपके सच्चे मित्र राजनाथ सिंह नहीं आडवाणी जी थे। आपको क्या लगता है, कि संघ, विहिप और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व कच्ची गोलियाँ खेल रहा है? आपके राजनाथ तो अब अटल जी की भी बहुत नकल करने लगे हैं। शायद 1998 दोहराने की कोशिश में हैं। आप भूल गए जब 1998 में 02 से 180+ सीटों पर जीताकर लाने वाले आडवानी जी की मेहनत पर अटल जी ने गठबन्धन रूपी पानी फेरा था। तो भईया नरेन्द्र भाई मोदी जी ना ये टाटा, अंबानी आपके काम आएंगे और ना ही ये इंडिया टुडे ग्रुप के संपादक गण। ये सब आपको उछाल रहे हैं। काहे को अपनी उर्जा खराब कर रह हैं। अंत में अपने को भगवान राम के रघुकुल का बताने वाले ठाकुर राजनाथ ही आपको हटाकर पी. एम. ना बन बन जाएँ? फिर तो आपकी यह कुंठा जीवन भर के लिए आडवाणी जी की तरह बनी रहेगी। और वैसे ही आपको भी एक दिन OLX.COM पर बेंच दिया जाएगा। वैसे भी आपको देश का मुसलमान, पढ़ा-लिखा, सभ्य हिन्दू समाज फूटी आँखों नहीं पसंद करता है। उपर से आपके कुछ मित्र नेतागण भी आपको पीछे से वार करने पर बैठे हैं। और ऐसे में आपने एक और बड़ा कदम उठा लिया है, सरदार पटेल की मूर्ति बनवाने का। आप देश के तीसरे लौह पुरुष बनना चाहते हैं। लौहपुरूष हमारे देश में उप (Deputy) का पर्यायवाची होता है।
पहले लौह पुरुष के समय जवाहर नाम का मित्र आ गया था, और स्वयं आगे हो गया, फिर दूसरे लौहपुरूष लाल कृष्ण आडवाणी जी के समय दूसरा जवाहर (अटल) आ गया और मित्रता निभा गया। और अब आप???
इसलिए दिल्ली का सपना छोड़िये और गुजरात पर ही मजे से राज करिए। लोग एक-न-एक दिन आपके साथ ही 2002 को भी भूल ही जाएंगे।
आपका शुभचिंतक:
युवा छात्र कमलेश कुमार राठोर

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