केंद्र सरकार ने इस बज़ट में आम आदमी की बचत के इंटेरेस्ट को लेकर कई फ़ैसले किए हैं. ऐसे में मुझसे बिना कुछ कहे रहा नहीं जाता है क्योंकि मैं क़ानून, राजनीति के बाद एकाउन्ट्स में भी अनुभव रखता हूँ. सरकार ने छोटी बचत योजनाओं के साथ-साथ पीपीएफ की ब्याज दरों में भी कटौती की. एक अप्रैल से नई दरें लागू होंगी. फिलहाल तीन महीने के लिए दरें लागू होंगी. समीक्षा के बाद दरें फिर घट या बढ़ सकती हैं . पब्लिक प्रॉविडेंड फंड यानी PPF की मौजूदा 8.7 फीसदी सालाना ब्याज दर में सरकार ने कटौती कर दी है. 15 साल वाली इस जमा योजना पर एक अप्रैल से 8.1 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा. इसके अलावा अब राष्ट्रीय बचत योजना य़ानी NSC पर 8.1 फीसदी, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.6 फीसदी और किसान विकास पत्र पर 7.8 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा. बजट में EPF से निकासी पर टैक्स लगाने के प्रस्ताव को भारी विरोध के बाद सरकार को वापस लेना पड़ा था. ब्याज दरों में कटौती इसकी भरपाई मानी जा रही है. सरकार ने पीपीएफ तथा किसान विकास पत्र (केवीपी) समेत लघु बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरें कम कर दी हैं. इसका मकसद इन बचत योजनाओं को बाजार दरों के समतुल्य लाना है. सरकार इस कदम से छोटी बचत योजनाओं में निवेश पर भरोसा करने वाले आम लोगों को झटका लगेगा. सरकार ने 16 फरवरी को छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर हर तिमाही में संशोधित करने का फैसला किया था. इसी के तहत कदम उठाते हुए लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर ब्याज दर 8.7 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दी गयी है. नई दर एक अप्रैल से 30 जून तक के लिये है. वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार केवीपी पर ब्याज दर 8.7 प्रतिशत से घटाकर 7.8 प्रतिशत कर दी गयी है. डाक घर बचत पर ब्याज दर 4.0 प्रतिशत पर बरकरार है. वहीं एक से पांच साल की मियादी जमाओं पर ब्याज दरें घटायी गयी हैं. लोकप्रिय पांच वर्षीय राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्रों पर ब्याज दर एक अप्रैल से 8.1 प्रतिशत होगी जो फिलहाल 8.5 प्रतिशत है. पांच वर्षीय मासिक आय खाता पर ब्याज अब 7.8 प्रतिशत मिलेगा जो फिलहाल 8.4 प्रतिशत है. बालिकों के लिये शुरू की गयी सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज दर अब 8.6 प्रतिशत होगी जो फिलहाल 9.2 प्रतिशत है. पांच साल की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज 8.6 प्रतिशत मिलेगा जो फिलहाल 9.3 प्रतिशत है. वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के लिये ब्याज दरों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘सरकार के निर्णय के आधार पर छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें तिमाही आधार पर अधिसूचित होंगी.’’ वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार एक, दो और तीन साल की डाक घर मियादी जमाओं पर ब्याज दर फिलहाल 8.4 प्रतिशत है. लेकिन एक अप्रैल से एक साल की मियादी जमा पर 7.1 प्रतिशत, दो साल के लिये 7.2 प्रतिशत तथा तीन साल की मियादी जमा पर 7.4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा. पांच साल के लिये मियादी जमा पर एक अप्रैल से 7.9 प्रतिशत ब्याज मिलेगा जो फिलहाल 8.5 प्रतिशत है. वहीं पांच साल के आरडी :रेकरिंग डिपोजिट: पर ब्याज दर 8.4 प्रतिशत से घटाकर 7.4 प्रतिशत कर दी गयी है. सरकार ने 16 फरवरी को छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज को बाजार दरों के समरूप किये जाने की घोषणा की थी. उस दिन डाक घर बचत पर ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गयी थी लेकिन पीपीएफ, एमआईएस (मासिक आय योजना), वरिष्ठ नागरिक बालिकाओं की योजनाओं जैसी दीर्घकालीन योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया था. पीपीएफ औऱ सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं की ब्याज दर कम होने पर आपको कितना नुकसान होगा, उदाहरण के तौर पर अगर आप बच्ची के जन्म के पहले साल से 14 साल तक हर महीने 1 हजार रुपये जमा करते हैं तो 21 साल की उम्र में पहले आपको मिलते 6 लाख 40 हजार 5 सौ 21 रुपये, जबकि नई ब्याज दर 8.6 फीसदी के मुताबिक मिलेंगे सिर्फ 5 लाख 86 हजार 9 सौ 45 रुपये …यानी करीब 53 हजार 576 रुपये कम मिलेंगे .
इसी तरह पीपीएफ में 15 साल तक हर महीने 1 हजार रुपये जमा करने पर अभी तक की ब्याज पर 8.7 फीसदी पर मिलते थे 3 लाख 74 हजार 71 रुपये मिलते जो अब ब्याज दर कम होकर 8.1 फीसदी होने पर 15 साल में मिलेंगे 3 लाख 42 हजार 779 रुपये, यानी नुकसान होगा 31 हजार 292 रुपये का
अब बात करते हैं किसान विकास पत्र की, अबतक 8.7 फीसदी ब्याज के हिसाब से रकम 8 साल 4 महीने में दोगुनी होती थी जो अब नई ब्याज दर 7.8 फीसदी में 9 साल 3 महीने में दोगुनी होगी . यानी करीब 11 महीने आपको ज्यादा इन्वेस्ट करना पड़ेगा . इसी तरह बाकी योजनाओं NSC औऱ पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स में भी पहले से कम फायदा मिलेगा .
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