केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों के खातों में बुधवार को यानी आज बढ़ी हुई सैलरी आ गई होगी. 7वें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी के साथ 7 महीने का एरियर भी जुड़कर आएगा. हालांकि सरकारी अधिकारियों के मुताबिक एचआरए के साथ सैलरी में 30 फीसदी इजाफा हुआ है और जो लोग सरकारी आवास में रहते हैं और उनका एचआरए कटता है उनकी सैलरी 10-15 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ आई है. हालांकि, अभी भी श्रमिक संगठन शुक्रवार की हड़ताल करने पर अड़े हुए हैं और ये न्यूनतम सैलरी 18 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं. वहीं 52 लाख पेंशनर्स को भी बढ़ी हुई पेंशन और एरियर्स गुरुवार तक देने का सरकार ने भरोसा दिलाया है. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद आज बढ़ी हुई सैलरी आने के बाद देश के करीब 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 53 लाख पेंशनधारियों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ. 1 जनवरी 2016 से दिए जाने वाले नए वेतन में 125 फीसदी मंहगाई भत्ता शामिल हैं. हालांकि एरियर से जीपीएफ, नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और इनकम टैक्स (टीडीएस) कटेंगे. इससे सरकार के पास भी करीब 30 हजार करोड़ रुपये की कमाई इकट्ठी होगी. 7वें वेतन आयोग का फैसला जून में आया था जबकि कर्मचारियों को इसका फायदा 1 जनवरी 2016 से मिलेगा. अब अगस्त की सैलरी आज यानी 31 अगस्त को आ चुकी होगी या 1 सितंबर को आएगी. इसके तहत सभी श्रेणियों में बेसिक सैलरी में 2.5 गुना इजाफा होगा वहीं सेना में ब्रिगेडियर के पद के लिए इजाफा 2.67 गुना होगा. हालांकि बेसिक तो 2.5 गुना बढ़ जाएगा. लेकिन अगले 4 महीनों तक मौजूदा अलाउंस ही मिलेगा. अलाउंसेस में फिलहाल बढ़ोत्तरी नहीं लागू हुई है लेकिन ये आगे जाकर मिल जाएंगे. सरकार ने 7वें वेतन आयोग की भत्तों (अलाउंस) से जुड़ी सिफारिशों की समीक्षा के लिए एक कमिटी बनाई है. एक्सपर्ट ग्रुप की राय पर कमिटी 4 महीने में सुझाव देने वाली है. कमिटी के इन सुझावों के आधार पर ही अलाउंसेस पर फैसला होगा. अभी 196 तरह के भत्ते मिलते हैं. वेतन आयोग ने 53 को खत्म करने और 37 को दूसरे भत्तों के साथ मिलाने की सिफारिश की थी. कमेटी इसी पर सुझाव देगी और उसके बाद ही अलाउंस में बढ़ोत्तरी होगी. तब तक मौजूदा रेट से ही अलाउंस मिलता रहेगा.
इसके तहत 7 हजार रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 18,000 रुपये हो गई है जबकि अधिकतम सैलरी जो 90 हजार रुपये थी. वो अब 2.5 लाख रुपये हो गई है. गौरतलब है कि ये एक सांसद की मौजूदा सैलरी से ज्यादा है. बता दें, सांसद की मौजूदा सैलरी सभी भत्ते मिलाकर 1.40 लाख रुपये हर महीना है. नए सैलरी ढांचे के मुताबिक क्लास-1 अफसर की कम से कम सैलरी 56,100 रुपये होगी. वहीं पेंशनर्स के लिए कम से कम पेंशन अब 3500 की जगह 9000 रुपये हो गई है. सरकारी कर्मचारियों को जनवरी से जून 2016 के दौरान के 6 महीनों के एरियर्स मिले हैं और सरकार ने इन्हें मार्च 2017 से पहले देने का वादा किया गया था जो पूरा किया है. 6ठें वेतन आयोग की तुलना में इस बार एरियर काफी कम हैं. अलग-अलग श्रेणी में सैलरी और एरियर अलग-अलग तय किए गए हैं और अलग-अलग सैलरी-एरियर्स दिए जाएंगे. कर्मचारियों को औसतन 15000 रुपये से 3 लाख रुपये तक के एरियर्स मिलेंगे. सैलरी में सातवें वेतन आयोग कमिशन में बढ़ी सैलरी के साथ 7 महीने का एरियर भी जुड़कर इकट्ठा आएगा. कर्मचारियों को पूरा एरियर एक ही किस्त में मिलेगा जिससे इस बार अगस्त में लोगों को भारी-भरकम सैलरी के साथ आएगी.
बदले हुए नियमों में 21 हजार रुपये तक सैलरी पाने वाले कर्मचारी बोनस लेने के सक्षम हैं और इस मानक के तहत करीब 33 लाख कर्मचारी आते हैं. इन्हें वेतन का 8.33 फीसदी तक बोनस मिलेगा. सरकार ने 7वें वेतन आयोग के साथ इंक्रीमेंट पॉलिसी में जो बदलाव किया है उसके तहत अब से एक बार की जगह साल में दो अलग-अलग तारीखों यानी 1 जनवरी और 1 जुलाई को इन्क्रीमेंट किया जाएगा. हालांकि एक कर्मचारी को साल में 2 बार इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा बल्कि एक बार ही इन्क्रीमेंट मिलेगा. 7.5 की जगह अब घर बनाने के लिए एडवांस (एचबीए) 25 लाख रुपये ले सकेंगे. ग्रैच्युटी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है और बड़ी बात ये है कि डीए के साथ इसकी सीमा भी बढ़ेगी. इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को एक्स-ग्रेशिया 10-20 लाख की जगह 25 से 45 लाख रुपये मिला करेगा. केंद्र ने न्यूनतम दैनिक मजदूरी 246 से बढ़ाकर 350 रुपये करने का फैसला किया है. इससे गैर-कृषि मजदूरों को लाभ होगा. लेकिन केंद्रीय यूनियन अभी भी 2 सितंबर की हड़ताल पर कायम हैं.
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