जितना एनालिसिस अमेरिकी प्रेजिडेंसियल डिबेट का अमेरिकी मीडिया करता है उतनी शायद कहीं नही। कपडे, खडे होने का तरीका, पुरुष है तो लडकी को देखने का तरीका, कितनी बार पानी पिया? सब कुछ नजर में रहता है जनता और मीडिया के राय बनाने के सवालों में। हिलेरी क्लिंटन के कोई 37000 पर्सनल इमेल लैपटॉप से डिलीट हुए उसका जवाब, ट्रम्प ने एक नौकरानी की कुछ सैलरी काट ली उसका जवाब?
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों का परिवेश बदलनें में वहाँ की डिबेट्स को काफ़ी रोचक माना जाता है, वैसे सबसे ऐतिहासिक तो 1960 में कैनेडी और निक्सन के बीच की बहस सबसे तेज थी, फिर 1992 की बहस ऐसी थी जिसने जिसने मोमेंटम बदल दिया. एक तरफ थे रिपब्लिकन पार्टी के सिटिंग प्रेसीडेंट बुस, अनुभवी, पहले डिप्टी प्रेसीडेंट फिर प्रेसीडेंट. इराक़ में अमेरिका को युद्ध जितवाकर आए थे. दूसरी तरफ डेमोक्रेटिक पार्टी में कोई चुनाव लड़ने को तैयार नहीं था. तब आए जॉर्ज क्लिंटन, लोग उनमें निक्सन की झलक देखते थे, कहते हैं क़ि निक्सन की ताक़त उनकी खूबसूरत और स्मार्ट पत्नी जैक़लिन थी. यही बात क्लिंटन के साथ थी, उनके पास भी हिलेरी क्लिंटन के रूप में यंग, सक्सेसफुल प्रोफेशनल, मदर वाईफ मौजूद थी. बिल ने बाकी डेमोक्रेट दावेदारों को किनारे लगा पार्टी नॉमिनेशन हासिल किया. इस दौरान कई स्कैंडल सामने आए. एक औरत ने दावा किया, मैं 12 साल से बिल के साथ अफेयर में हूं. ये एक क्लब सिंगर थी. बिल का बचाव करने के लिए हिलेरी क्लिंटन आगे आईं. टीवी पर दोनों ने सब बातें रखीं और तूफान थम गया. उधर जॉर्ज बुश का वो वीडियो सामने आया, जिसमें वह सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान गोली खा जख्मी हुए थे. इस फुटेज ने बुश के कल्ट को और मजबूत कर दिया.
डिबेट के दिन तक पलड़ा बराबर था. बल्कि बुश की तरफ हलका झुका था. उनकी टीम क्लिंटन के खिलाफ एग्रेसिव कैंपेन कर रही थी. अरकंसास के उनके कार्यकाल पर सवालिया निशान उठाए जा रहे थे. चाहे बेरोजगारी हो या टैक्स में बढ़ोतरी. मगर टीवी कैमरों के सामने सब बदल गया. क्लिंटन की टीम ने उनकी जोरदार तैयारी करवाई थी. यहां तक कि डिबेट शो के दौरान जो स्टूल रखे जाने थे बैठने के लिए, वे तक चुरा कर अपने हिसाब से दूसरे रखवा दिए. उन्होंने एक और चाल चली थी, जो सफल रही. बिल क्लिंटन ने कहा कि सिर्फ एंकर ही सवाल क्यों पूछें. टाउन हॉल स्टाइल में जनता भी पूछे. बुस की टीम इसके लिए कैसे मान गई राम जाने? और यहीं वे चित्त हुए.
बुश की स्पीच हुई. क्लिंटन की स्पीच हुई. और फिर पब्लिक के सवाल. बुश पर इल्जाम था कि उन्होंने देश में टैक्स खूब बढ़ाए. एक अश्वेत महिला ने पूछा, इस टैक्स बढ़ोतरी से आप पर व्यक्तिगत रूप से क्या असर पड़ेगा. बुश ने जवाब दिया. महिला संतुष्ट नहीं हुईं उनके जार्गन से. उसने फिर सवाल पूछा. अब बुश ऑफेंसिव होने लगे. उनके भीतर का सिटिंग प्रेसिडेंट जाग गया. और यहीं पर क्लिंटन ने दखल दिया. वह स्टूल से उठे, महिला की तरफ बढ़े. और उसके सवालों को तारतम्यता देने लगे. वे उसके स्पोकपर्सन बन गए. और पांच मिनटों में वे उन तमाम अमेरिकियों के स्पोकपर्सन बन गए, जो नौकरी जाने से खफा थे. बुश हैरानी से भर गए. आगे की डिबेट में उनकी दिलचस्पी खत्म हो गई. उन्हें दरअसल क्लिंटन के अलावा एक और आदमी ने चरस बो रखी थी. जीरो से शुरूआत कर अरबपति बनने वाले कंप्यूटर प्रफेशनल पेरोट ने, जो निर्दलीय मुकाबले में दाखिल हुए थे. पेरोट को 20 फीसदी वोट मिले. इनसे सबसे बड़ा नुकसान बुश को पहुंचा. वह क्लिंटन के हाथों बुरी तरह चुनाव हारे.
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