Thursday, October 27, 2016

सहानुभूति की लहर पर सवार अखिलेश

एक समाजवादी मित्र ने एक वीडियो भेजा है, अखिलेश कहते हैं ”हर दिन मैं खुद से उत्‍तर प्रदेश का भविष्‍य बनाने का वादा करता हूं।” इसके बाद ब्रेकफास्ट टेबल पर अखिलेश, उनकी पत्‍नी डिंपल और बच्‍चे नजर आते हैं। वीडियो में परिवार, जनता और विकास की थीम नजर आती है। आखिर में संदेश दिया गया है कि ‘उत्‍तर प्रदेश, भारत…मेरा परिवार” 
कल से चार वीडियो व्हाट्सएप पर मिल चुके हैं, जिसमें दो अखिलेश और दो शिवपाल ग्रुप से मिले हैं. 
2. इसके जवाब में शिवपाल सिंह यादव पूरे हुए वादे अब हैं नए इरादे टाइप एक जोरदार वीडियो में अनुभव की बात करते हुए किसानों को लुभाते नज़र आते हैं.
3. इस वीडियो में अखिलेश का एक गाना है, यूपी अपनी माँ है, इसकी ज़िम्मेदारी है,........अखिलेश यादव बोल रहा हूँ,....... इसमें खास बात है कि युवाओं से संवाद करने की कोशिश है.
4. अखिलेश के जवाब में इस वीडियो में सीधे मुलायम सिंह के समाजवादी और लोहियावादी विचारों को खड़ा किया गया है. 
देखते हैं ये लड़ाई अभी और कहाँ तक जाएगी. 
खास बात यह है इस वीडियो की जिसमे से पूरा यादव परिवार गायब है. कम से कम 40-50 लोगों से फोन और व्हाट्सएप पर 400-500 लोगों से बात कर चुका हूं सबकी सहानुभूति अखिलेश के साथ उस माइक छीनने के बाद वाले इमोशनल भाषण के बाद है। आज के 4 महीने पहले और आज के अखिलेश में फर्क है, लोग पहले भी कहते थे भइया ने काम किया है लेकिन यादव परिवार गुंडागर्दी करता है। मुलायम समर्थक लोगों को शायद उनके साथ हुए व्यवहार से दुख हुआ है। तभी वो रणनीति बदलकर पार्टी में रहकर ही खुद के दम पर चुनाव लडना चाहते हैं, शायद दो महीने में अकेले सब खडा करना आसान नहीं होगा। इसलिए वे खुद सहानुभूति के नाम पर चुनाव लडकर खुद ही हीरो बनना चाहते हैं। उनको पता है कि बहुमत आएगा नही तो अगर 130-150 सीटें भी आ जाती है तो गठबंधन की सरकार उनके नाम पर ही बनेगी। बाकी सब तो साइड में होगे। कल की पीसी में मुलायम की बात "शिवपाल की वापसी अखिलेश का अधिकार है" कहते ही शिवपाल के चेहरे पर खामोशी छा गई थी। शायद बेटे का कनेक्शन हो? वैसे मंत्री पद 15 दिन का बचा है इसके बाद कुछ होगा नहीं आचार संहिता लागू होने के कारण। लेकिन अखिलेश ने खडा होने और अकेले फैसला लेने का साहस दिखाया है, अब विरोधी उनपर जितना ज्यादा हमला करेगे वो मजबूत होगे। 

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