चीन के एक्सपोर्टर्स की लिस्ट में हम 15वें स्थान पर हैं, भारत का हिस्सा उसके टोटल एक्सपोर्ट में से 1.5% ही है. क्योंकि हमारे यहाँ जो छोटी छोटी चीज़ें हैं वही चाइना से आती हैं, अगर आप स्वदेशी के नाम पर उसका समान रोकना चाहते हैं, तो सभी विदेशी समान को रोकिए. चाइना का सब प्रोडक्ट्स का इम्पोर्ट किसी और सेक्टर के एक प्रोडक्ट से भी कम होता होगा. अगर पाकिस्तान या आतंकवादियों का साथ देने के कारण उसका समान रोका जा रहा है तो बहुत सारी बाते हैं, उसके सभी संबंधों को रोकना चाहिए. और पाकिस्तान के एकटर्स के साथ साथ सभी बिजनेस बंद करना चाहिए. ग्लोबलाइजेशन के दौर में हम किसी से मुकाबला नहीं कर पाएँगे. अगर इंटरनेशन मार्केट में भारत को कुछ जगह बनानी है तो मेक इन इंडिया को बढ़ावा देकर पहले भारत में चीन के प्रोडक्ट्स को हराकर वापस भेजना होगा उसके बाद इंटरनेशनल मार्केट में यही करना होगा. ऐसा नहीं है क़ि यह असंभव है. मेरा सवाल केवल सरकार और उसके समर्थित लोगों के डबल स्टॅंडर्ड से है.
मतलब हम उसके माल को रोककर कितना असर डाल लेंगे या अपने आर्थिक आधार को कितना मजबूत कर रहे हैं. जबकि कहीं ना कहीं से वो चल वैसा ही रहा है. चीन के एक्सपोर्टर्स की लिस्ट में हम 15वें स्थान पर हैं, भारत का हिस्सा उसके टोटल एक्सपोर्ट में से 1.5% ही है. क्योंकि हमारे यहाँ जो छोटी छोटी चीज़ें हैं वही चाइना से आती हैं, अगर आप स्वदेशी के नाम पर उसका समान रोकना चाहते हैं, तो सभी विदेशी समान को रोकिए. चाइना का सब प्रोडक्ट्स का इम्पोर्ट किसी और सेक्टर के एक प्रोडक्ट से भी कम होता होगा. अगर पाकिस्तान या आतंकवादियों का साथ देने के कारण उसका समान रोका जा रहा है तो बहुत सारी बाते हैं, उसके सभी संबंधों को रोकना चाहिए. मतलब हम उसके माल को रोककर कितना असर डाल लेंगे या अपने आर्थिक आधार को कितना मजबूत कर रहे हैं. जबकि कहीं ना कहीं से वो चल वैसा ही रहा है.
और पाकिस्तान के एकटर्स के साथ साथ सभी बिजनेस बंद करना चाहिए. ग्लोबलाइजेशन के दौर में हम किसी से मुकाबला नहीं कर पाएँगे. अगर इंटरनेशन मार्केट में भारत को कुछ जगह बनानी है तो मेक इन इंडिया को बढ़ावा देकर पहले भारत में चीन के प्रोडक्ट्स को हराकर वापस भेजना होगा उसके बाद इंटरनेशनल मार्केट में यही करना होगा. ऐसा नहीं है क़ि यह असंभव है. मेरा सवाल केवल सरकार और उसके समर्थित लोगों के डबल स्टॅंडर्ड से है. आप स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीस को बढ़ाने के लिए देश में क्या कर रहे हो? आप कौन सी योजनाएँ लाए हो, दूर की छोड़ो बनारस (पीएम का संसदीय क्षेत्र) के बुनकर अपने बिजनेस के लिए जूझ रहे हैं वहाँ क्या हुआ? कूई आर्थिक या टेक्निकल मदद की? स्मॉल स्केलस को डिजिटल इंडिया के वो जाल में फँसा दिया है क़ि पहले से अधिक भ्रष्टाचार होता है, कोई बनवा के दिखाए ऐसे फूड लाइसेंस? कुछ तो सरकार को भी करके दिखाने की ज़रूरत है? बातों और नारों से देश नहीं बदलेगा.
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