एग्जिट पोल ने इशारा कर दिया है. बिहार में महागठबंधन सरकार बनाने जा रही है. बीजेपी बहुमत से दूर है. अंतिम फैसला 8 नवंबर को आएगा लेकिन संकेत बीजेपी के लिए शुभ नहीं हैं.
अगर बीजेपी चुनाव हारती है तो सबसे ज्यादा नुकसान नरेंद्र मोदी का होगा. बिहार में बीजेपी की ओर से चुनाव का चेहरा ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे. एनडीए ने पूरा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ा है. किसी को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया था. क्योंकि पार्टी ने किसी को नीतीश के बराबर के कद का माना ही नहीं था. चुनाव प्रचार में खुद प्रधानमंत्री ने 30 रैलियां की. प्रधानमंत्री ने ही चुनाव का पूरा एजेंडा सेट किया था. चाहे डीएनए वाला बयान हो या फिर शैतान और साधु वाला प्रधानमंत्री के भाषणों के बाद ही ये बातें गांव की गलियों से निकलकर राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय फलक पर आया. ऐसे में जीत-हार का सारा श्रेय प्रधानमंत्री के खाते में जाना है. बीजेपी के हारते ही देश में कांग्रेस फिर से जिंदा हो जाएगी. मोदी के खिलाफ माहौल को भुनाने के लिए तमाम विरोधी एक हो जाएंगे. आने वाले सालों में यूपी और बंगाल जैसे बड़े राज्यों की लड़ाई है. यहां बीजेपी की हालत विधानसभा में पहले से खराब है. ऐसे में इस हार की मार से उबर पाना बहुत मुश्किल हो सकता है. बीजेपी की हार के बाद एनडीए में तकरार बढ़ेगी. नीतियों को लेकर सवाल उठेंगे. शिवसेना-अकाली जैसे सहयोगी मुखर हो जाएंगे. आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया प्रभावित होगी. बहुत संभावना है कि बिहार से आने वाले तीन-चार मंत्रियों की कुर्सी चली जाए. कुछ लोगों को पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है. अगर एग्जिट पोल के नतीजे असली नतीजों में नहीं बदलते और बीजेपी चुनाव जीतती है तो फिर नरेंद्र मोदी की लहर बरकरार मानी जाएगी. अगले चुनावों के लिए पार्टी के हौसले बुलंद रहेंगे. प्रधानमंत्री अपनी नीतियों को उसी दिशा में आगे बढ़ाएंगे. असहनशीलता को लेकर जो देश में माहौल बनाया जा रहा है उसको जनमत के दम पर गलत साबित कर पाने की कोशिश करेंगे. अगर यह हार होती है तो सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी जी की ही हार मानी जाएगी क्योंकि ऐसा चुनाव का पूरा कैंपेन उनके सारथी अमित शाह जी के उपर था. अमित शाह ने कई चुनाव भाजपा को जिताए हैं, लेकिन दिल्ली की हार के बाद उनके मैनेजमेंट पर सवाल उठने शुरू हो गए थे. इसलिए यह हार मोदी जी विचारधारा और नीतियों और अमित शाह के संगठन की होगी.
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