Friday, November 6, 2015

एक्जिट पोल्स का विश्लेषण

बिहार चुनाव के एक्सिट पोल्स के नतीजे बड़े ही दिलचस्प तरीके से आ रहे हैं. इनपर अगर नज़र डाली जाए तो काफ़ी असमानता देखने को मिलती है. पांचवें फेज में 59.64% वोटिंग हुई है। नतीजे 8 नवंबर को आएंगे। लेकिन 7 में से पांच चैनलों के एग्जिट पोल में आरजेडी-जेडीयू-कांग्रेस का महागठबंधन आगे रहा। वहीं, 2 चैनलों ने एनडीए को आगे बताया। लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल में नतीजों के करीब आंकड़े देने वाले न्यूज 24/चाणक्य के एग्जिट पोल ने एनडीए को 155 और महागठबंधन को 83 सीटें दी हैं।  चाणक्य के एक्सिट पोल्स के नतीजे हमेशा से ही काफ़ी सटीक बैठते रहे है, ऐसा मानकर ही भाजपा के नेता काफ़ी खुश नज़र आ रहे हैं 
वहीं दूसरी तरफ कई चैनलों ने जैसे ही जेडीयू+ को जीता हुआ बताया, वैसे ही  महागठबंधन के कार्यकर्ताओं ने अभी से जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। 
 आइए हम एक नज़र डालते हैं, एग्जिट पोल के नतीजों पर:

  चैनल/सर्वे एजेंसी                    एनडीए                            महागठबंधन                                     अन्य
न्यूज-24 / चाणक्य                       155                                    83                                               5
आज तक / सिसेरो                     113-127                         111-123                                           4-8
इंडिया टीवी / सी वोटर्स               101-121                         112-132                                          6-14
टाइम्स नाउ / सी वोटर्स                111                                122                                                 10
एबीपी / नील्सन                           108                                130                                                  5
न्यूज एक्स / सीएनएक्स            90-100                         130-140                                          13-23
न्यूज नेशन                               115-119                       120-124                                             3-5
एबीपी-नील्सन का सर्वे:
एबीपी ने फेज वाइज़ सर्वे किया है। सर्वे के अनुसार एनडीए को 108, महागठबधंन को 130 और अन्य को 5 सीटें मिलने का अनुमान है।

फेज 1:  एनडीए 22, महागठबंधन 25 , अन्य 2
फेज 2 :  एनडीए 16, महागठबंधन 16, अन्य 0
फेज 3:  एनडीए 13,  महागठबंधन 37, अन्य: 0
फेज 4: एनडीए 33, महागठबंधन 20,  अन्य 2
फेज 5: एनडीए 24, महागठबंधन 32, अन्य 1

अगर बात वोटिंग प्रतिशत पर की जाए तो इसमें भी एक दिलचस्प आँकड़ा सामने आता है. बिहार इलेक्शन 2015 में इस बार सभी फेज में 56.47%  वोटिंग हुई। 2010 के इलेक्शन में मतदान का पर्सेंटेज 52.67% रहा था। इस बार लगभग 4% वोटिंग ज्यादा हुआ है। राजनीति शस्त्र तो यही कहता है क़ि जब जब वोटिंग प्रतिशत बढ़ता है तब सत्ताधारी पार्टी को नुकसान होता है. लेकिन मीडिया, अख़बारों और वहाँ के स्थानीय लोगों की बातों या माहौल से तो नीतीश कुमार के खिलाफ एंटी इनकांबंसी बिल्कुल भी नज़र नहीं आ रही थी. 
फेज                                                       वोटिंग %
पहला                                   57% - 2010 की तुलना में 6.15% ज्यादा
दूसरा                                   55%- 2010 की तुलना में 3% ज्यादा
तीसरा                                  53% - 2010 की तुलना में 3.25% ज्यादा
चौथा                                   58%- 2010 की तुलना में 3% ज्यादा
पांचवां                                 59.64%

एक्सिट पोल्स के नतीजे आने के बाद से ही लालू प्रसाद यादव बड़े जोश में आ गए, और के प्रेस कांफ्रेंस भी कर डाली.  लालू प्रसाद यादव ने वोटिंग खत्म होते ही ट्वीट किया और कहा है कि महागठबंधन को 190 सीटें मिलेंगी। वहीं दूसरी तरफ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि वे अभी कुछ नहीं बोलेंगे। अब 8 नवंबर को ही बात करेंगे। बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि बीजेपी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। बीजेपी नेता अनंत कुमार ने कहा कि एनडीए को दो-तिहाई बहुमत मिलेगा। सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर शानदार मतदान के लिए बिहार के वोटर्स को धन्यवाद दिया है। मैनें इन नेताओं की प्रतिक्रिया इसलिए आपको बताई क्योंकि मेरा अनुमान इसी से सटीक बैठेगा क़ि उनका जोश कैसा है?
 अगर बात की जाए क़ि इन नतीजों के आने के बाद देश या राज्य की राजनीति में क्या परिवर्तन होगा तो सबसे अधिक इसका मनोवैज्ञानिक फायदा विपक्ष, ख़ासकर कांग्रेस को मिलेगा. हर चुनाव में बुरी तरह हार रही कांग्रेस को ऑक्सीजन मिल सकती है। बिहार में खो चुके जनाधार को कुछ हद तक वापस पाने में मदद मिलेगी। बंगाल में ममता बनर्जी, और उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का जोश बढ़ेगा, और अपने अपने राज्यों में वो मोदी कर डटकर सामना करेंगे.  केंद्र सरकार और बीजेपी के लिए इन चुनावों से पीएम मोदी की साख भी दांव पर है। हाल ही में उन्हें फोर्ब्स मैगजीन ने दुनिया के 10 ताकतवर नेताओं में शामिल किया है।  केंद्र सरकार और बीजेपी पर इन्टॉलरेंस को बढ़ाने और देश का माहौल खराब करने का आरोप लग रहे हैं। अगर जीत मिलती है तो पार्टी इन आरोपों का काउंटर कर पाएगी।  लोकसभा और राज्यसभा में जीएसटी और लैंड बिल जैसे पेंडिंग पड़े बिलों को पास कराने में मदद मिलेगी। राज्य में स्ट्रेंथ बढ़ेगी। इसमें मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा क़ि  अगर ये नतीजे महागठबंधन के फेवर में रहे तो नीतीश कुमार का कद बढ़ेगा। अगर वे सरकार बना पाते हैं तो 2019 तक अगले लोकसभा चुनाव के वक्त पीएम मोदी को टक्कर देने वाले वे अकेले मजबूत नेता के रूप में उभर सकते हैं। 



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